इस्लामाबाद से मिली खबर के अनुसार, पाकिस्तान के गुजरांवाला में एक ईसाई कर्मचारी को फल बेचने वालों ने लोहे के भारी बाट से पीट दिया। यूसुफ मसीह इस हमले में गंभीर रूप से जख्मी हो गया। अल्पसंख्यक अधिकार समूह वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी ने इसे धार्मिक हिंसा का चरम बताया है।
बाजार में चले इस हमले की जानकारी देते हुए संगठन ने कहा कि आरोपी पहले से ही यूसुफ के सुपरवाइजर को धमकाते रहे थे। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने डरते-डरते मदद की, जो इलाके के भयावह माहौल को दर्शाता है।
पादरी इमरान अमानत ने टिप्पणी की, ‘ईसाई श्रमिकों के साथ ऐसा व्यवहार पाकिस्तान में आम हो गया है। भेदभाव और हिंसा उनकी जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है।’ पंजाब में ईसाई बहुल इलाकों में ये लोग स्वच्छता और नाली सफाई जैसे कार्य करते हैं, लेकिन समाज उन्हें तिरस्कृत करता है।
वीओपीएम ने उल्लेख किया कि ये समुदाय गरीबी और कलंक से जूझ रहे हैं। संगठन का मानना है कि इस मामले में न्याय मिलना चाहिए ताकि पाकिस्तान समानता का दावा सार्थक कर सके।
यह घटना देशव्यापी अल्पसंख्यक उत्पीड़न की याद दिलाती है। उम्मीद है कि सरकार कदम उठाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाएगी, जिससे भविष्य में ऐसी हिंसा रुके।