भारत और इजरायल के रिश्तों में नई ऊंचाइयां छूने को तैयार हैं, जैसा कि पीएम मोदी के हालिया इजरायल दौरे से स्पष्ट हुआ। आईएएनएस से बातचीत में मुंबई के इजरायली महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में प्रयासों का जिक्र किया।
मोदी और नेतन्याहू का पुराना परिचय गुजरात सीएम काल से है। यात्रा के दौरान इजरायल के लोग, सांसद, प्रवासी भारतीय और पत्रकारों ने भारत के समर्थन की तारीफ की।
सर्वोच्च सम्मान प्रदान करना दोनों देशों के मजबूत बंधन का प्रतीक है। रेवाच के अनुसार, यह पुरस्कार मोदी के नेतृत्व और कूटनीतिक योगदान का सम्मान करता है।
दोनों प्राचीन सभ्यताएं कठिन भू-राजनीतिक परिस्थितियों में आतंक का शिकार रही हैं। मोदी का 7 अक्टूबर घटना पर रुख सराहनीय रहा, तो इजरायल ने भारत का पूरा साथ दिया। दूरगामी मिसाइलों सहित संयुक्त रक्षा परियोजनाएं भविष्योन्मुखी हैं।
सहयोगी क्षेत्रों में रक्षा से आगे अंतरिक्ष, ऊर्जा, साइबरसुरक्षा, शिक्षा, जल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वित्तीय तकनीक, क्वांटम, जैवप्रौद्योगिकी और अर्धचालक शामिल हैं। संयुक्त निर्माण और विकास पर बल देते हुए मुक्त व्यापार pact को प्राथमिकता दी जा रही है।
मोदी का यह दूसरा पीएम दौरा (कुल तीसरा) समयानुकूल था, जिसे इजरायल ने हार्दिक स्वागत दिया। भारत को supermower और लोकतंत्र के नेता के रूप में देखा जाता है, जो नेताओं के व्यक्तिगत संबंध से मजबूत हो रहा है।