इस हफ्ते अमेरिकी संघीय अदालतों ने चार राज्यों से भारतीय इमिग्रेशन बंदियों को राहत दी है। बॉन्ड सुनवाई और रिहाई के ये आदेश अधिकारियों की गलत हिरासत नीतियों पर सवाल उठाते हैं। कैलिफोर्निया, मिशिगन, न्यूयॉर्क व ओक्लाहोमा की अदालतों ने विधिक प्रक्रिया के अभाव को आधार बनाया।
कैलिफोर्निया के सैन डिएगो में हरबीत सिंह को सात दिनों में बॉन्ड सुनवाई का हक मिला। न्यायाधीश ने बिना प्रमाण की हिरासत को अस्वीकार्य बताया। सरकार को जोखिम सिद्ध करने का बोझ सौंपा।
मिशिगन में सागर राम को पांच दिनों में सुनवाई या रिहाई का अवसर दिया गया, अनिवार्य हिरासत के तर्क को नकारते हुए।
ओक्लाहोमा की अदालत ने करनदीप सिंह को बॉन्ड योग्य धारा के तहत तुरंत सुनवाई दी।
ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क में हरमनप्रीत सिंह को संवैधानिक उल्लंघन के आधार पर नई सुनवाई और प्रमाण मांगने का आदेश। कैलिफोर्निया के अन्य मामलों में भवानदीप सिंह ढालीवाल व विक्रांत सिंह रिहा।
सभी को सफलता न मिली। मिशिगन ने गुरप्रीत वालिया सिंह की अपील ठुकराई, पूर्व समीक्षा का हवाला देकर। ओक्लाहोमा ने मजिस्ट्रेट की सलाह मानी।
ये निर्णय प्रवासी अधिकारों को मजबूत करते हैं, इमिग्रेशन प्रक्रियाओं में सुधार की मांग को बल देते हैं।