ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने अपनी सैन्य शक्ति का लोहा मनवाया, पाकिस्तान व पीओके के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। अब तेल अवीव में पीएम मोदी व इजरायली पीएम नेतन्याहू आयरन डोम पर मुहर लगा सकते हैं, जो रक्षा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। ब्रह्मोस से लेकर राफेल तक के हथियारों ने दुश्मन के हर प्रयास को चूर-चूर कर दिया था।
यद वाशेम दौरा कर दोनों नेता किंग डेविड होटल में गहन बातचीत करेंगे। रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा होगी, जिसमें रक्षा सहयोग, तकनीकी नवाचार, व्यापार व सांस्कृतिक आदान-प्रदान प्रमुख हैं। वैश्विक परिदृश्य पर भी नजर。
कई समझौते हस्ताक्षर के बाद संयुक्त बयान आएगा। आयरन डोम तकनीक का हस्तांतरण मेक इन इंडिया से जुड़े प्रोजेक्ट कुशा का अभिन्न अंग बनेगा, छोटी दूरी के खतरों से निपटने के लिए स्थानीय उत्पादन संभव होगा।
आयरन बीम लेजर प्रणाली भी आकर्षित कर रही है, जो किफायती व प्रकाश-गति से हमलों को रोकेगी। यह एस-400 के साथ मिलकर 2030 तक अटल सुरक्षा परत बनेगी। पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ेगी, क्योंकि भारत की हवाई सीमा अब अभेद्य हो जाएगी। यह साझा रक्षा प्रयास भारत को नई रणनीतिक ऊंचाई देगा।