भारतीय रेलवे ने गुरुवार को 871 करोड़ रुपये की लागत वाली रणनीतिक परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई, जो उत्तरी, दक्षिणी व पूर्वी रेलवे जोनों में फैली हैं। इनसे रखरखाव प्रणाली मजबूत होगी, व्यस्त गलियारों पर दबाव कम होगा, रुकावटें समाप्त होंगी और परिवहन क्षमता में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
श्री गंगानगर (राजस्थान) में 174.26 करोड़ से चरण-1 कोच डिपो बनेगा, जो वंदे भारत व एलएचबी ट्रेनों की जरूरतें पूरी करेगा।
लालगढ़ में चरण-2 के लिए 139.68 करोड़ आवंटित, बीकानेर के बढ़ते रेल सेवाओं के अनुरूप रखरखाव सुविधाएं विकसित होंगी।
दक्षिणी रेलवे के केरल खंड तुरावुर-मरारीकुलम (21.10 किमी) को 450.59 करोड़ से दोहरी लाइन मिलेगी। एर्णाकुलम-अलप्पुझा-कायांकुलम मार्ग पर स्थित यह खंड यात्री व कार्गो का प्रमुख केंद्र है।
पूर्वी रेलवे आसनसोल में 107.10 करोड़ की 4.75 किमी कालीपहाड़ी बाईपास से परिचालन सुधरेगा। नौ माल ट्रेनों को 90 मिनट व आठ कोचिंग ट्रेनों को 30 मिनट रोजाना की बचत होगी, यार्ड दक्षता बढ़ेगी।
इन प्रयासों से रेलवे न केवल क्षमता बढ़ाएगा बल्कि पूरे देश की आर्थिक गतिशीलता को गति प्रदान करेगा।