वाइब्रेंट गुजरात के क्षेत्रीय सम्मेलनों को उद्योग जगत ने स्थानीय इकोसिस्टम मजबूत करने वाले क्रांतिकारी कदम करार दिया है। ये आयोजन जिला स्तर पर केंद्रित होकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में आर्थिक क्रांति लाएंगे। उद्योग चैंबरों के नेताओं ने कहा कि ये कार्यक्रम निवेश, तकनीक और बाजार को सीधे स्थानीय स्तर पर पहुंचाएंगे।
महानगरों तक सीमित न रहकर हर जिले को विकास का केंद्र बनाना ही मुख्य लक्ष्य है। सत्रों में प्रौद्योगिकी अपनाने और आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण पर व्यावहारिक प्रशिक्षण होगा। गुजरात मॉडल, जो तटीय गांवों को निर्यात केंद्र बना चुका है, अब पूरे राज्य में फैलेगा। नवीकरणीय ऊर्जा और आईटी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने इसमें गहरी रुचि दिखाई है, जिससे स्थानीय जीडीपी में उछाल आने की पूरी संभावना है।