आत्मनिर्भर भारत को साकार करने की दिशा में राजौरी में एक महत्वपूर्ण कदम उठा है। जम्मू कश्मीर बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) में पीएमईजीपी योजना के तहत 35 युवाओं का नया उद्यमी प्रशिक्षण बैच प्रारंभ हो गया। यह ट्रेनिंग उन्हें माइक्रो उद्यम स्थापित करने के लिए सशक्त बनाएगी।
केवीआईसी द्वारा संचालित इस केंद्रीय योजना में डीआईसी राजौरी और केवीआईबी का सहयोग है। प्रशिक्षण में व्यवसाय प्रबंधन से लेकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट, फाइनांस प्लानिंग, मार्केटिंग रणनीति और सब्सिडी वाले लोन की प्रक्रिया सिखाई जा रही। लोन सीमा सर्विस में 20 लाख और उत्पादन में 50 लाख रुपये है, जिसमें 35 फीसदी तक सब्सिडी का लाभ।
संस्थान के निदेशक सुनील शर्मा ने बैच का शुभारंभ करते हुए युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह 10 दिवसीय कार्यक्रम बुनियादी व्यावसायिक कौशल प्रदान करेगा, जो वित्तीय आजादी की कुंजी बनेगा। जिले में बेरोजगारी कम करने के लिए युवा सरकारी योजनाओं का सदुपयोग कर रहे हैं।
महिला प्रशिक्षार्थी आरती शर्मा ने लोन और सब्सिडी की सराहना की। मुख्तार अहमद ने योजना को क्रांतिकारी बताया। राकेश रैना, जिन्हें 10 लाख का लोन मिला है, प्रिंटिंग प्रेस के विस्तार की बात की। उन्होंने बेरोजगारों को योजनाओं का लाभ उठाने की सलाह दी।
राजौरी जैसे क्षेत्र में पीएमईजीपी युवाओं को सशक्त बना रही है। यह व्यक्तिगत स्तर पर स्वावलंबन के साथ सामुदायिक विकास को बढ़ावा देगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।