शिकारिपुरा में 84 वर्षीय बीएस येदियुरप्पा के जन्मदिन पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उन्हें कर्नाटक का वह नेता बताया, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। उन्होंने राज्य हित में निरंतर प्रदर्शनों और संघर्षों का जिक्र किया।
जोशी ने शिकारिपुरा को एक महान नेता देने के लिए सराहा और कहा कि येदियुरप्पा की मेहनत ने नगर को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनका जनाधार आज भी उन्हें सम्मान दिलाता है।
मोदीजी के नेतृत्व वाली भाजपा की वैश्विक सफलता में येदियुरप्पा का आधारस्तरीय संगठन महत्वपूर्ण रहा। जोशी ने भरोसा जताया कि वे आने वाले दिनों में भी मार्गदर्शक बने रहेंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने बताया कि येदियुरप्पा ने चार बार सत्ता संभाली और कई मुख्यमंत्रियों को जन्म दिया। बुकानकेरे से शिकारिपुरा तक का सफर आठ चुनावी जीतों से सजा।
70 से ज्यादा समुदायों के प्रतिनिधियों को मंच पर सम्मान मिला। विपक्ष के दौर में उन्होंने वंचितों, कृषकों और श्रमिकों की आवाज बने। कार्यकर्ताओं की मेहनत, संतों के आशीष और जनता के प्यार ने उन्हें शिखर तक पहुंचाया।
सीएम रहते उन्होंने पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ा और कृषि क्षेत्र को मजबूत किया। येदियुरप्पा कर्नाटक की राजनीति के स्थायी प्रतीक हैं।