भाजपा मुख्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस को घेरा। गांधी परिवार के दौर की जासूसी व विदेशी फंडिंग के पुराने दस्तावेजों को सामने लाकर उन्होंने जवाब मांगा।
‘स्पाइंग इन साउथ एशिया’ पुस्तक के अनुसार, इंदिरा गांधी काल में सीआईए भारत की हर व्यवस्था में सेंध लगा चुकी थी। पोलित ब्यूरो ने कांग्रेस को दो मिलियन डॉलर दिए, पूर्व अधिकारियों के रिकॉर्ड में दर्ज।
मित्रोखिन अभिलेखों में केजीबी का जाल दिखता है—1976 में कांग्रेस को दो मिलियन रुपये, फिर दस लाख। त्रिवेदी बोले, यह रकम उस युग में विशाल थी। कांग्रेस इन आरोपों पर स्पष्टिकरण क्यों नहीं देती?
कच्चातीवू का श्रीलंका को हवाला, 1971 के बाद असमान युद्धबंदी आदान-प्रदान—93 हजार पाकिस्तानी आजाद, 54 भारतीय लापता। देश को फैसलों का आधार जानना है।
आप नेताओं की आबकारी केस में बरी होने पर त्रिवेदी ने सवाल उठाए। बिना सबूत आरोप कैसे? नष्ट सिम-फोन से केस कमजोर। भाजपा फैसले की गहन पड़ताल करेगी, सीबीआई की अगली चाल महत्वपूर्ण।