लखनऊ, 27 फरवरी। यौन उत्पीड़न मामले में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर सियासी बवाल मच गया। एसपी प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि संतों को राजनीति के कीचड़ में न घसीटा जाए।
“संत-महात्माओं की सरकार बनने का दावा करने वाली भाजपा को एसपी शासन से सीख लेनी चाहिए,” वर्मा ने आईएएनएस को बताया। 2013 में रामभद्राचार्य पर धारा 420 का केस दर्ज हुआ था। उनके विश्वविद्यालय में वित्तीय गड़बड़ी व रिश्तेदारों की भर्ती के आरोप थे।
लेकिन तब माता प्रसाद पांडे व मंत्रियों ने समर्थन किया। गलती मानने पर सीएम ने मुकदमा वापस ले लिया। वर्मा ने कहा, “ऐसा ही सम्मान संतों को मिलना चाहिए।”
झूंसी पुलिस ने तुलसी कुंज के आशुतोष ब्रह्मचारी की शिकायत पर स्वामी व शिष्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
वर्मा ने ममता बनर्जी की सराहना की जो एसआईआर में मृत बीएलओ परिवारों को नौकरी दे रही हैं। “ममता का यह फैसला गरीब-वंचितों के लिए मिसाल है। कर्मचारियों के परिवारों को मजबूत समर्थन मिलेगा।”
यह मुद्दा आगामी चुनावों में सियासी ध्रुवीकरण को तेज कर सकता है।