बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठियों वाले बयान को आड़े हाथों लिया। पटना में उन्होंने कहा कि 21 साल से बिहार पर एनडीए का राज है, तब भी समस्या बरकरार क्यों?
‘इनकी सरकार बिहार में 21 साल से और केंद्र में भी। घुसपैठ रोकना इनका कर्तव्य था, जो निभा नहीं,’ तेजस्वी ने स्पष्ट शब्दों में कहा। यह बयान सत्ताधारियों की कमजोरी को बेनकाब करता है।
चुनाव आयोग के बिहार एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तब घुसपैठिए शून्य बताए गए। ‘लेकिन हर चुनाव में भाजपा समाज को बांटने वाली बातें करती है।’
शाह अररिया पहुंचे जहां एसएसबी के कार्यक्रम में उन्होंने बॉर्डर पोस्टों का उद्घाटन किया। सीमा के 10 किलोमीटर में अतिक्रमण हटाने और घुसपैठियों को देश से बाहर करने का ऐलान किया। ‘एक-एक को चुन चुनकर निकालेंगे। यह संकल्प है, वादा नहीं।’
राजद नेता ने आवास योजना के CAG घोटाले पर सरकार को घेरा—24 घंटे में मकान स्वीकृत। ‘सदन में विधायकों ने उठाया, जवाब नहीं मिला। सबसे बड़ा अपराध खजाना लूट।’ राज्यसभा चुनाव में जीत का भरोसा जताया।
बिहार की राजनीति में यह टकराव चुनावी माहौल को तल्ख बना रहा है। सुरक्षा चुनौतियां और प्रशासनिक नाकामी अब केंद्र में हैं।