शिवसेना (यूबीटी) के दिग्गज संजय राउत को मानहानि के एक लंबे मुकदमे में सत्र अदालत से राहत मिली है। मेधा सोमैया के आरोपों से बरी होकर राउत ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। यह मामला भाजपा और शिवसेना के बीच जारी जंग का हिस्सा था।
राउत ने मेधा पर मीरा-भायंदर में 100 करोड़ के घोटाले का इल्जाम लगाया, जो विधानसभा में उठे सवालों पर आधारित था। प्रताप सरनाईक की शिकायत को आधार बनाकर दिए गए बयानों को मेधा ने अपमानजनक बताया। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शुरुआत में राउत को सजा सुनाई, लेकिन सत्र अदालत ने अपील पर विचार कर बरी कर दिया।
‘निचली अदालत की 15 दिन की सजा पलट दी गई। न्याय हुआ,’ राउत ने कहा। वकीलों की मेहनत रंग लाई।
महाराष्ट्र की राजनीति में भ्रष्टाचार के आरोपों पर यह फैसला मिसाल बनेगा। कोर्ट ने साफ किया कि सार्वजनिक मंचों पर उठे मुद्दों को व्यक्तिगत हमले से जोड़ना गलत है। राउत की जीत से पार्टी में उत्साह है, जबकि विपक्ष आगे की रणनीति बना रहा है।