ध्रुव कटोच ने जेएनयू प्रशासन को कड़ा संदेश दिया है- परिसर में राष्ट्र-विरोधी नारे लगाने वाले छात्रों की हॉस्टल सुविधा रद्द कर दो। कटोच ने इसे अनुशासनहीनता पर लगाम लगाने का सशक्त उपाय बताया।
हालिया घटनाओं में छात्रों के उत्तेजक नारों ने फिर से सुर्खियां बटोरीं। कटोच ने तर्क दिया कि टैक्सपेयर्स के पैसे से चलने वाली हॉस्टल ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दे सकतीं। उन्होंने हॉस्टल आवंटन में सख्ती और जांच समितियों के गठन का सुझाव दिया।
जेएनयू का इतिहास नारों और विरोधों से भरा है, जो अक्सर पढ़ाई बाधित करते हैं। कटोच के समर्थक इसे सकारात्मक कदम मानते हैं, वहीं विरोधी इसे दमनकारी बता रहे हैं।
कटोच ने चेताया कि नरमी से स्थिति बिगड़ेगी। छात्रावासों को शांतिपूर्ण बनाने के लिए वे मेरिट-आधारित व्यवस्था चाहते हैं। यह विवाद उच्च शिक्षा में राजनीति की भूमिका पर सवाल उठाता है। प्रशासन का अगला कदम सभी की नजरों में होगा।