पैंक्रियास को जीवन नियंत्रक कहा जाए तो अचरज नहीं। यह अंग पाचन और हार्मोन संतुलन का जिम्मा संभालता है, जो हमारी दैनिक ऊर्जा का आधार है।
यह पेट में एंजाइम्स बनाता है जो भोजन के प्रोटीन, चर्बी और कार्ब्स को छोटे कणों में बदलते हैं। इससे पोषण अवशोषित होता है। खराब कार्य से पेट फूलना, भूख न लगना और मल त्याग में रुकावट आती है।
इंसुलिन और ग्लूकागन जैसे हार्मोन शुगर लेवल को कंट्रोल करते हैं। कमी से मधुमेह, कमजोरी और जलन की शिकायतें होती हैं।
देखभाल सरल है: संतुलित थाली में दाल-सब्जी-आनाज रखें, जंक फूड छोड़ें। सुबह अनुलोम-विलोम से सांस नियंत्रित करें, कपालभाति से detox करें। इससे पैंक्रियास सक्रिय रहता है।
इस महत्वपूर्ण अंग को मजबूत रखना जरूरी है। सतर्कता से अपनाएं ये उपाय, और बीमारियों से दूर रहें। स्वस्थ पैंक्रियास स्वस्थ जीवन की कुंजी है।