आम आदमी पार्टी के नेता ने भाजपा के विधायक कपिल मिश्रा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। उन्होंने विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अपील की, जिसमें सदन में अवरोध पैदा करने और जनहित के मुद्दों पर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
मॉडल टाउन क्षेत्र से विधायक मिश्रा पर आप सरकार के खिलाफ लगातार हमले करने का इल्जाम है। नेता ने कहा कि मिश्रा ने सोशल मीडिया पर भी असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। ‘ऐसे सदस्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,’ उन्होंने चेतावनी दी।
मिश्रा ने 2016 में आप छोड़कर भाजपा जॉइन की थी। तब से वे केजरीवाल सरकार के कट्टर आलोचक हैं। दिल्ली दंगों और कोरोना प्रबंधन पर उनके बयानों ने विवाद खड़ा किया। भाजपा ने समर्थन में मोर्चा संभाल लिया है।
स्पीकर के पास नैतिकता समिति या अदालत का रास्ता खुला है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है। आप इसे भाजपा के खिलाफ नैरेटिव बनाने का मौका मान रही है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह मुद्दा विधानसभा सत्र को प्रभावित करेगा। वोटरों पर इसका असर पड़ेगा या नहीं, यह समय बताएगा। दिल्ली राजनीति में यह नया अध्याय जोड़ रहा है।