नेतन्याहू के मीडिया विशेषज्ञ शोश बेड्रोसियन ने ईरान की सैन्य क्षमताओं पर इजरायल-अमेरिका के संयुक्त हमलों की पुष्टि की। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि ये कार्रवाइयां खतरों को निष्क्रिय करने और ईरानी लोगों के हित में हैं।
लंबे संघर्ष के विपरीत, उन्होंने त्वरित समाधान पर जोर दिया। ईरान के मिसाइल हमलों से इजरायल के केंद्रीय क्षेत्र में कई सायरन घनघनाए। सेनाएं मिलकर अयातुल्ला की मिसाइल शक्ति छीन रही हैं ताकि नागरिक सुरक्षित रहें।
ट्रंप के ईरान की सेनाओं के विनाश के दावे के साथ सहमत होकर, बेड्रोसियन ने कहा कि 90 मिलियन जनसंख्या वाले ईरान का आत्मसमर्पण त्वरित नहीं होगा। खामेनेई ने जनता को वैश्विक आतंक के लिए भुनाया, विरोध प्रदर्शनों को खूनी दमन से कुचला।
नेतन्याहू और ट्रंप दोनों समयबद्धता पर सहमत। मिसाइल व परमाणु खतरे मिटाने के बाद लोकतंत्र की राह प्रशस्त करेंगे। ईरान के प्रॉक्सी—गाजा में हमास, यमन में हूती, लेबनान में हिज्बुल्लाह—इजरायल को निशाना बनाए हुए हैं। इस्लामिक रिपब्लिक इन्हें धन, हथियार और ट्रेनिंग देता है।
ये समूह इजरायल को मिटाने और यहूदियों का सफाया चाहते हैं। इस आतंक का शिकार इजरायली, अमेरिकी व भारतीय हुए। खामेनेई राज का अंत इजरायल का लक्ष्य है, ईरान को आजादी दिलाने के लिए।