ईरान द्वारा लगातार दागी जा रही मिसाइलें और ड्रोन ने पश्चिम एशिया को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया है। यूएई सरकार ने आम लोगों को सतर्क करते हुए फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। वायु रक्षा इकाइयां 24×7 अलर्ट पर हैं।
मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया पर पुष्टि हुई कि विभिन्न इलाकों में गूंज रही आवाजें एयर डिफेंस की सफलताओं का प्रमाण हैं। ईरानी खतरों को हवा में ही ध्वस्त किया जा रहा है, जिससे जमीन पर कोई बड़ा नुकसान नहीं हो रहा।
सरकारी बयान में कहा गया, “ईरान की ओर से आ रहे मिसाइल-ड्रोन हमलों का जवाब दिया जा रहा है। धमाके इंटरसेप्शन का हिस्सा हैं।” इससे जनता को भ्रमित होने से बचाया जा रहा है।
भारतीय दूतावास ने अपने देशवासियों के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए। “घटनाओं का वीडियो या फोटो न लें, न शेयर करें। एयरपोर्ट या प्रतिबंधित क्षेत्रों में कैमरा इस्तेमाल न करें,” चेतावनी दी गई।
अन्य सुझावों में शामिल हैं- अलर्ट पर आड़ लेना, प्रभावित स्थलों से दूर रहना, संदिग्ध चीजों की सूचना अधिकारियों को देना। कानूनी परेशानियों से बचने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी।
यह कदम जासूसी और भ्रम की आशंकाओं को कम करने के लिए उठाया गया है। यूएई की सतर्कता क्षेत्रीय संकट में मिसाल पेश कर रही है, जहां लाखों प्रवासी भारतीय सुरक्षा के मोर्चे पर खड़े हैं।