अमेरिका-इजरायल के ऊर्जा ढांचे पर हमलों के ठीक बाद ईरान ने पलटवार किया और इजरायल के हाइफा बंदरगाह की रिफाइनरी को निशाना बनाया। आईआरजीसी ने शनिवार रात खेइबरशेकान मिसाइलें दागीं, जो सेपाह न्यूज पर जारी बयान में दर्ज है।
ईरान के तेल डिपो तेहरान व अल्बोरज में तबाह हो गए, जहां मिसाइलें गिरने से आग की लपटें उठीं। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। तेहरान की सड़कों पर धमाकों की गड़गड़ाहट ने रात को भयावह बना दिया।
यह सब 28 फरवरी के हमलों से शुरू हुआ, जब दुश्मनों ने खामेनेई परिवार, कमांडरों समेत कईयों को निशाना बनाया। ईरान ने मिसाइल-ड्रोन बौछार से जवाबी कार्रवाई की।
अली लारीजानी ने अमेरिका-इजरायल को देश-विभाजन की साजिश रचने वाला ठहराया। ट्रंप से इजरायली धोखे को मानने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘हमारे लोगों के दिलों पर गहरा आघात हुआ है।’
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने सऊदी अरब के फैसल से बातचीत का जिक्र किया। सऊदी ने वादा किया कि उनका हवाई क्षेत्र या जलक्षेत्र ईरान के खिलाफ नहीं इस्तेमाल होगा।
क्षेत्रीय संघर्ष तेज हो रहा है, ऊर्जा क्षेत्र सबसे संवेदनशील निशाना बन रहा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हस्तक्षेप की जरूरत है।