इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को लाइव संबोधन में घोषणा की कि ईरान पर हमले पूर्ण जोर-शोर से चलते रहेंगे, कोई डील नहीं। यरूशलम से 8 मार्च का यह बयान ईरानी सत्ता को कमजोर करने और बदलाव की बुनियाद रखने वाली योजना का खुलासा करता है, जिसमें कई सरप्राइज शामिल हैं।
ईरानियों से अपील की कि सत्य का पल नजदीक है—हमारा इरादा आजादी दिलाना है, शांति के साथ रहना है। यूएन को आड़े हाथों लिया कि गाजा संघर्ष में इजराइल को बुरा-भला कह रहे हैं, ईरान की हिंसा पर आंखें बंद। लेबनान को फरमान सुनाया: सीजफायर मानें, हिजबुल्लाह के हथियार छुड़वाएं, नहीं तो भयानक परिणाम होंगे।
अमेरिका के प्रेसिडेंट ट्रंप ने विमान से पत्रकारों को बताया कि 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल के हमलों ने ईरान को धूल चटा दी। नौसेना के 44 जहाज गए, हर विमान नेस्तनाबूद, मिसाइल सिस्टम को 70 प्रतिशत नुकसान। लॉन्चर दुबारा बनाना महंगा और कठिन, अब ईरान के पलटवार की ताकत महज 9 प्रतिशत बची। मजबूत स्थिति में बातचीत से परहेज, अभियान जारी रहेगा।