भारतीय सुरक्षा बलों की निगाहें नेपाल से श्रीलंका तक के ड्रग तस्करी रूट पर टिक गई हैं, जो भारत गुजरता हुआ फिर से हलचल से भर गया। हशीश तेल व चरस की खेपें इस गलियारे पर जोर पकड़ रही हैं।
एनसीबी की चेन्नई-हैदराबाद टीमों ने नशामुक्ति अभियान में 10 करोड़ कीमत की ड्रग्स पकड़ीं। श्रीलंका ड्रग्स का बड़ा बाजार बन चुका, जहां लत के मामले बाढ़ की तरह उमड़े हैं। कार्टल ने सप्लाई चेन तेज कर दी।
महासागर के बीचोंबीच श्रीलंका ट्रांजिट पॉइंट है। अफगान ड्रग्स पाक-ईरान होकर, नेपाल से सीधे आ रही। तस्करों ने तमिलनाडु के थूथुकुडी-कोडिक्कराई को लैंडिंग जोन बना लिया। बीच समुद्र में श्रीलंकाई मदद से ट्रांसफर होता है।
पुराने अफीम-बीड़ी ट्रेड के ये स्पॉट अब आधुनिक तस्करी के केंद्र। कोलंबो, गाले, त्रिंकोमाली प्रमुख पोर्ट। 2024 में 35,000 जब्तियां—मेथ की डिमांड 2019 से तेज।
द्वीप पर उतरते ही मछुआरे, गुंडे व संगठित माफिया ड्रग्स डिस्ट्रिब्यूट करते। जेके-पंजाब में पाक बॉर्डर सील से नेपाल रूट हॉट। कोस्ट गार्ड फिशिंग बोट्स चेक कर रहा।
श्रीलंकाई सरदार पाक-अफगान-नेपाल के साथ तमिलनाडु नेटवर्क चला रहा। एजेंसियां नेपाल-श्रीलंका से समन्वय बढ़ा, हर लूपहोल बंद करने को तैयार।