रायसीना डायलॉग के 11वें संस्करण में नई दिल्ली वैश्विक कूटनीति का केंद्र बनी हुई है। 5 मार्च को पीएम मोदी के उद्घाटन और फिनलैंड राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के संबोधन से शुरू हुआ यह आयोजन 7 मार्च तक जारी रहेगा।
पश्चिम मामलों के विदेश सचिव सिबी जॉर्ज ने 6 मार्च को यूएनईएस्केप की शोंची शार्प से महत्वपूर्ण वार्ता की। शार्प ने एशिया-प्रशांत में आयोग की आगामी गतिविधियों पर प्रकाश डाला और राजनीतिक परिदृश्य पर राय व्यक्त की।
जॉर्ज ने पहले स्विट्जरलैंड के एलेक्जेंडर फासेल से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर बल दिया। भारत-ईएफटीए टीईपीए से प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान, बेहतर निवेश व नौकरियां बढ़ेंगी। मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते 1851 से हैं, जब वोलकार्ट कंपनी ने मुंबई-बासेल में दफ्तर खोले।
क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा ने इन बैठकों को और सार्थक बनाया। विदेश मंत्रालय के सोशल मीडिया अपडेट ने इन कदमों को रेखांकित किया।
भारत की यह पहल बहुपक्षीय मंचों पर मजबूत साझेदारियां रच रही है, जो आर्थिक विकास व स्थिरता सुनिश्चित करेगी। रायसीना डायलॉग भारत को वैश्विक चर्चा का प्रमुख केंद्र बनाता जा रहा है।