पश्चिम एशिया का संघर्ष तेल बाजारों को हिला रहा है। रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने नई दिल्ली में गुरुवार को कहा कि होर्मुज जलमार्ग बन्द होने से ईंधन दरें आसमान छू सकती हैं। भारत को आपूर्तिकर्ता चुनने की पूर्ण स्वतंत्रता है, मॉस्को हर समय तेल देने को तैयार।
‘बातचीत ही एकमात्र हल है। संघर्ष तत्काल थमे,’ अलीपोव ने जोर देकर कहा। युद्ध कब समाप्त होगा, इस पर उन्होंने अमेरिका की ओर इशारा किया। अमेरिका-इजरायल के हमलों ने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम व नेतृत्व को आघात पहुंचाया, खामेनेई सहित प्रमुख नेता मारे गए।
ईरान की प्रतिक्रिया में ड्रोन-मिसाइल हमले अमेरिकी ठिकानों पर केंद्रित रहे। रूस ने इन ‘बिना कारण’ कार्रवाइयों की कड़ी भर्त्सना की। लावरोव-अराघची टेलीफोन वार्ता में ईरान ने आक्रामकता रोकने के प्रयास व यूएनएससी बैठक की बात की।
लावरोव ने कानूनभंग बताते हुए शांति प्रक्रिया पर बल दिया। रूस बहुपक्षीय मंचों पर मध्यस्थता को तैयार। वैश्विक स्थिरता के लिए कूटनीति आवश्यक। भारत के लिए यह संदेश रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी को सशक्त बनाता है।