नखचिवन में ड्रोन से हुए हमलों ने अजरबैजान को उकसा दिया है। हवाई अड्डे की टर्मिनल और स्कूल के पास गिरे ड्रोनों से दो लोग घायल होने पर बाकू ने ईरानी दूत को विदेश मंत्रालय बुलाया और सख्त विरोध जताया।
मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि ईरानी इलाके से उड़े ड्रोनों ने नखचिवन एयरपोर्ट पर हमला बोला और शकराबाद गांव में स्कूल भवन के आसपास तबाही मचाई। इन हमलों से बुनियादी ढांचे को क्षति पहुंची तथा आम जनता प्रभावित हुई। अजरबैजान ने इन्हें कड़ाई से नकारा और अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया।
ईरान से स्पष्टीकरण मांगते हुए अजरबैजान ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय करने को कहा। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर जवाबी कदम उठाने का अधिकार रखा। यह कदम यूएस-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच काकेशस में पहला हमला है।
अजरबैजान ने मध्य पूर्व में निष्पक्ष रवैया अपनाया, लेकिन इजरायल व अमेरिका से संबंध मजबूत किए तथा मॉस्को से अलगाव बढ़ाया। अमेरिकी बेस न होने से ईरान का दायरा विस्तृत हो रहा है।
इजरायल संग सैन्य साझेदारी ने ईरान को चिढ़ाया, फिर भी आर्थिक रिश्ते बरकरार हैं। ईरान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में करोड़ों अजेरी आबादी दोनों देशों को जोड़ती है।
यह विवाद काकेशस की शांति को चुनौती दे रहा है। अजरबैजान कूटनीति से समाधान चाहता है, लेकिन रक्षा तैयारियां तेज हैं।