कनाडाई शहर लासेल में खालिस्तान आंदोलन के आलोचक सोशल मीडिया स्टार नैन्सी ग्रेवाल की निर्मम हत्या से पूरा पंजाबी वर्ग स्तब्ध है। 3 मार्च को उनके घर में चाकू से वार कर 45 वर्षीय ग्रेवाल को मार डाला गया। घटना की जानकारी रात साढ़े नौ बजे मिली, जब पैरामेडिक्स ने उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया।
विंडसर-एसेक्स क्षेत्र की इमरजेंसी टीमों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन जान बचाने की सारी कोशिशें नाकाम रहीं। लासेल पुलिस इस हत्याकांड की तफ्तीश में जुटी है और इसे एकाकी घटना करार दिया है। पड़ोसियों से सीसीटीवी फुटेज मांगे जा रहे हैं।
ग्रेवाल अपनी यूट्यूब वीडियो के जरिए पंजाबी मुद्दों पर सीधी बात रखती थीं। उन्होंने गुरपतवंत सिंह पन्नून जैसे खालिस्तानी नेताओं पर विदेशी ताकतों से प्रेरित होकर सिख संस्थानों को कलंकित करने का आरोप लगाया। समुदाय को तोड़ने वाली उनकी साजिशों का पर्दाफाश किया और भारत में आकर बहस करने की चुनौती दी।
गुरुद्वारों को प्रोपेगैंडा का हथियार बनाने पर उनकी तीखी प्रतिक्रिया ने लाखों को प्रभावित किया। पुलिस बयान में पीड़िता को विंडसर की निवासी बताया गया और परिवार के प्रति संवेदना जताई। परिवार व दोस्तों का दुख कम करने के लिए इसे अलग घटना कहा गया।
विंडसर समुदाय और डिजिटल दुनिया में शोक की लहर है। यह वारदात कनाडा में पंजाबी प्रवासियों के बीच छिपे वैमनस्य को सामने ला रही है। आलोचकों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि पुलिस दोषी ढूंढने में लगी है। न्याय की प्रतीक्षा में समुदाय एकजुट हो रहा है।