अमेरिका ने ट्रंप के खिलाफ हत्या की साजिशों का मास्टरमाइंड ढूंढकर नेस्तनाबूद कर दिया। युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक आईआरजीसी की यूनिट का मुखिया कल मारा गया। वॉशिंगटन में उन्होंने कहा कि ट्रंप ने आखिरकार दुश्मनों से हिसाब चुकता कर लिया।
यह सफलता 2020 में कासिम सुलेमानी की हत्या के जवाब में ईरान की साजिशों पर करारा प्रहार है। सरगना का नाम गुप्त रखा गया, लेकिन ऑपरेशन की पुष्टि हुई। दूसरी ओर पाकिस्तानी आसिफ मर्चेंट का मुकदमा ब्रुकलिन कोर्ट में जोरों पर है।
आतंकवाद के आरोपी मर्चेंट ने ईरान समर्थन से ट्रंप पर हमले की योजना बनाई। कपड़ा व्यापार के बहाने पाकिस्तानी संपर्कों से शूटर ढूंढे। एफबीआई मुखबिर ने जाल बिछाया, अंडरकवर एजेंटों को पांच हजार डॉलर अग्रिम दिए।
आईआरजीसी ट्रेनिंग और गिफ्ट पैकेजों से संदेश भेजने की कबूली। जुलाई में गिरफ्तार। कोर्ट में जज ने समय की संयोग पर हैरानी जताई। गिरफ्तारी के ठीक बाद रैली में ट्रंप पर गोली चली।
2024 में अफगान शकेरी पर भी आरोप। बाइडेन काल में चेतावनियां जारी हुई थीं। मर्चेंट का प्लान पाकिस्तान-मुस्लिम विरोधी ताकतों पर केंद्रित था। सरगना गया, मुकदमा चलेगा, लेकिन आईआरजीसी का खतरा बना रहेगा। अमेरिका अलर्ट पर।