नेपाल गुरुवार को संसदीय चुनावों के साथ लोकतांत्रिक पटरी पर लौटने की कगार पर है। जेन-जी आंदोलन की तबाही के बाद कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने सभी मतदाताओं से निर्भय होकर मतदान करने का आह्वान किया है। देशभर में 1.89 करोड़ से ज्यादा वोटर भाग लेंगे।
275 सदस्यीय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए वोटिंग होगी, जिसमें 165 सीटें प्रत्यक्ष और 110 आनुपातिक प्रणाली से तय होंगी। यह व्यवस्था राजनीतिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास है।
पिछले साल 8-9 सितंबर को हुए जेन-जी विद्रोह ने 77 जिंदगियां लील लीं और 84 अरब रुपये का नुकसान किया। अनिश्चितता के दौर में पीएम सुशीला कार्की की सरकार ने स्थिरता लौटाई और चुनाव कराए।
मतदान सुबह 7 से रात 5 बजे तक चलेगा। सभी केंद्रों पर सामग्री पहुंच चुकी है, कर्मी तैनात हैं। पुरुष मतदाता 96.60 लाख और महिला 92.40 लाख हैं। उम्मीदवारों की संख्या भारी—3406 एफपीटीपी और 3135 पीआर में।
“चुनाव प्रतिनिधि शासन की बुनियाद हैं,” भंडारी ने कहा। आयोग निष्पक्षता सुनिश्चित करेगा। ये चुनाव नेपाल को नई दिशा देंगे, युवाओं की आवाज को मजबूत करेंगे।