बलूचिस्तान प्रांत में हिंसा का ग्राफ चढ़ता ही जा रहा है। पंजगुर के वाशबूद क्षेत्र से 17 साल के यहया बलोच की लाश बरामद हुई, जो पांच माह से गुम था। प्रमुख मानवाधिकार संगठन बलोच यकजेहती कमेटी ने इसे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की करतूत बताया, जो गैर-कानूनी हत्याओं की श्रृंखला का हिस्सा है।
रमजान के दौरान भी ये अमानवीय कृत्य जारी हैं, जिसकी बीवाईसी ने कड़ी निंदा की। संगठन ने यूएन और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से हस्तक्षेप की अपील की, ताकि बलूचिस्तान के मानवाधिकार संकट पर लगाम लगे।
पांक की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि हाल ही में नौ निर्दोष लोग सेना के हाथों लापता हो गए। क्वेटा में सीटीडी ने 17 वर्षीय शोएब अहमद कंब्रानी को उसके घर से खींच लिया।
मिनाज (केच) में एफसी ने रहीम बख्श (45), अली अहमद (17), यासिर (19), आसिफ (17) व अब्दुल रहमान (18) को अगवा किया। तुर्बत रेड में जकरिया-रेहान भाई गायब, जबकि क्वेटा के ब्रूअरी रोड से सद्दाम (18) का अपहरण 16 फरवरी को हुआ।
प्रांत भर में बलोच युवाओं पर अत्याचारों ने हालात बिगाड़ दिए हैं। वैश्विक दबाव के बिना ये हादसे रुकने की संभावना कम है।