तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में आज रात से अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए तीन दिवसीय श्रद्धांजलि सभा शुरू हो रही है। शनिवार को अमेरिका-इजरायल हमलों में शीर्ष कमांडरों समेत उनकी मौत ने पूरे ईरान को स्तब्ध कर दिया।
राज्य मीडिया इसे ऐतिहासिक घटना बता रहा है। दाह-संस्कार की जानकारी बाद में दी जाएगी, लेकिन लाखों लोग शामिल होने को तैयार हैं।
बुधवार को ही खामेनेई के बेटे मोजतबा को विशेषज्ञ सभा ने सर्वोच्च पद सौंपा। संघर्षपूर्ण हालात में ऑनलाइन चर्चाओं से फैसला हुआ, जिसमें आईआरजीसी का दबाव साफ झलकता है।
ईरान की इस्लामी व्यवस्था वंशवाद को नकारती रही है, इसलिए पिता के बाद बेटे का उदय सिद्धांतों पर चुनौती है। हमलों के बाद क्षेत्रीय उथल-पुथल बढ़ गई।
शोक सभा देश को एकजुट करेगी, जहां विभिन्न प्रांतों के प्रतिनिधि साझा शोक मनाेंगे। यह नया दौर ईरान के लिए परीक्षा का समय है।
आईआरजीसी की ताकत और नेतृत्व परिवर्तन भविष्य की कुंजी हैं। तेहरान की यह सभा शहादत को अमर बनाएगी और संघर्ष की राह दिखाएगी।