अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संकट के बीच चेतावनी दी है कि वर्तमान कट्टरपंथी नेतृत्व गिरने के बाद कोई और उग्रवादी सत्ता न हथियाए। ओवल ऑफिस में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात में उन्होंने रजा पहलवी को एक व्यावहारिक विकल्प बताया।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी प्रयास ईरान की सेना को कमजोर करने पर केंद्रित हैं, मगर भविष्य की सरकार पर भी नजर है। ‘सबसे खराब यह होगा कि हम सब करें और फिर वैसा ही बुरा शासक आ जाए।’
उन्होंने जन-केंद्रित नेतृत्व की वकालत की। पहलवी पर उन्होंने कहा, ‘हो सकता है। उनके समर्थक हैं, लेकिन हमने गहराई से नहीं सोचा। शायद देश के अंदर से बेहतर उम्मीदवार निकले।’
हालिया सैन्य कार्रवाइयों से ईरान का कमांड ढांचा चरमरा गया है, ट्रंप ने दावा किया। ‘कई प्रमुख नेता मारे गए, बाकी लक्ष्य हैं। जल्द ही वहां की पहचान मुश्किल हो जाएगी।’
चांसलर मर्ज ने समर्थन जताया। ‘हम इस शासन को उखाड़ फेंकने और उसके बाद की रणनीति पर सहमत हैं। यूरोप अमेरिका के साथ मिलकर काम करेगा।’
ईरान के सैन्य व परमाणु ठिकानों पर तेज हमलों से क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है। ट्रंप का बयान परिवर्तन की दिशा में नई उम्मीद जगाता है।