‘दो सत्रों’ की महत्वपूर्ण बैठकों में महासचिव शी चिनफिंग ने एनपीसी और सीपीपीसीसी के सदस्यों के साथ देश के प्रमुख मुद्दों पर विचार मंथन किया। यह प्रक्रिया चीनी शासन की लोकतांत्रिक शैली को दर्शाती है।
पिछले एक दशक में 60 से ज्यादा बार हुई इन बैठकों में शी ने आर्थिक रूपांतरण, जनजीवन सुधार और नीतिगत दिशा पर प्रकाश डाला। उनकी उपमाएं जटिल मुद्दों को सरल बनाती हैं।
उन्होंने आर्थिक मॉडल बदलने, उद्योगों के उन्नयन, इनोवेशन की भूमिका, हरित रास्ते और पुनर्जनन की बात की। 2022 में खाद्य सुरक्षा पर सख्ती से चेतावनी दी, किसानों को प्राथमिकता दी।
पर्यावरण संरक्षण में ‘स्वच्छ नदियां और हरी पहाड़ियां राष्ट्रीय धरोहर’ का नारा देकर विकास और पारिस्थितिकी के बीच सामंजस्य पर जोर दिया।
शी की ये पहल चीन को मजबूत और टिकाऊ भविष्य की ओर ले जा रही हैं।