भारत और रवांडा ने नई दिल्ली में संयुक्त आयोग की बैठक कर संबंधों को और सशक्त बनाने का संकल्प लिया। कीर्ति वर्धन सिंह और ओलिवियर जेपी नदुहुंगिरेहे की अगुवाई में हुई इस चर्चा में रक्षा से लेकर कृषि, व्यापार, निवेश तक सभी क्षेत्र शामिल हुए। रायसीना डायलॉग के बाद नदुहुंगिरेहे की उपस्थिति ने आयोजन को महत्वपूर्ण बनाया।
चर्चा का दायरा व्यापक रहा—स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान, डिजिटल प्लेटफॉर्म, संस्कृति और लोगों के बीच जुड़ाव पर फोकस। सुधाकर दलेला जैसे अधिकारियों की मौजूदगी ने गहराई प्रदान की।
सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा कि वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श के साथ 2026-30 सांस्कृतिक कार्यक्रम पर समझौता हुआ, जो सांस्कृतिक पुल बनेगा।
रवांडा दूत जैकलीन मुकांगिरा ने गुजरात सम्मेलन में गुजराती व्यापारियों को आमंत्रित किया, रवांडा के निवेश अनुकूल वातावरण का जिक्र किया। भारत दूसरे नंबर का निवेशक है, जो फार्मा, तकनीकी सामान, अनाज, कपड़ा प्रदान करता है।
सौहार्दपूर्ण संबंध लंबे समय से हैं—1999 से दिल्ली मिशन, 2018 से किगाली में भारत का प्रतिनिधित्व। यह मिलन नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।