मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष से उड़ानें रद्द और व्यापार ठहर गया। बड़ी संख्या में भारतीय कैद हो गए हैं। भारतीय नौसेना ने ओमान की खाड़ी में गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस सूरत उतार दिया है, जो बचाव के लिए तैयार है।
ऑपरेशन संकल्प के तहत यह जहाज दुश्मन नजरों से छिपकर राहत पहुंचा सकता है। ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलें, दो वर्टिकल लॉन्चर से 32 एयर डिफेंस मिसाइलें, टॉरपीडो और रॉकेट सिस्टम से लैस। 30 नॉट रफ्तार वाला यह जहाज चार गैस टर्बाइनों पर दौड़ता है।
मिशन डेप्लॉयमेंट में होरमुज, अदन, सेशेल्स, मालदीव, अंडमान-बंगाल खाड़ी में तैनाती। ये रास्ते भारत के ऊर्जा और व्यापार का जीवनरेखा हैं—डकैती का खतरा सर्वाधिक अदन में।
पिछले अभियान याद दिलाते हैं नौसेना की क्षमता: सूडान (कावेरी), खाड़ी-मालदीव-श्रीलंका (समुद्र सेतु), यमन (राहत), लीबिया (सेफ होमकमिंग), लेबनान (सुकून)। सभी सफल।
मित्र देशों के साथ ड्रिल और त्वरित सहायता देते हैं ये जहाज। रास्ता बंद होने पर अफ्रीका घूमना पड़ता है, समय-लागत दोगुनी। संकट में आईएनएस सूरत उम्मीद की किरण है।