प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कतर के अमीर, ओमान के सुल्तान और कुवैत के युवराज के साथ टेलीफोनिक संवाद किया। पश्चिमी एशिया के अस्थिर हालात में भारतीय प्रवासियों की हिफाजत को प्राथमिकता दी गई।
क्षेत्र में ईरान-खाड़ी तनाव के चलते भारत सक्रिय कूटनीति चला रहा है। मोदी ने संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हो रहे हमलों की निंदा की तथा शांति प्रयासों पर बल दिया।
एक्स पर ओमान चर्चा का जिक्र करते हुए मोदी ने उल्लंघनों की कड़ी भर्त्सना की। दोनों नेताओं ने कूटनीतिक संवाद को जरूरी ठहराया। भारतीय समुदाय के प्रति ओमान की मदद की तारीफ की।
कुवैत वार्ता को ‘महत्वपूर्ण’ बताते हुए मोदी ने एकजुटता का ऐलान किया। संवाद से शांति के पक्ष में आवाज बुलंद की तथा भारतीयों की सुरक्षा सहयोग की सराहना की।
कतर के अमीर से बात में भाईचारे का भाव दिखा। मोदी ने कतर के साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया, उल्लंघनों का विरोध किया और कूटनीति पर जोर दिया। समुदाय समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई तो भारत ने तुरंत अपील की। रमजान के दौरान स्थिति बिगड़ना चिंता का विषय है।
खाड़ी में करीब एक करोड़ भारतीय कार्यरत हैं। उनकी कुशलता शीर्ष प्राथमिकता। ऊर्जा और व्यापार मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। जहाजी हमलों में भारतीयों की क्षति ने भारत को आंदोलित किया है। नई दिल्ली सतर्कता बरत रही है।