वॉशिंगटन से नई दिल्ली। अमेरिकी उपविदेश सचिव क्रिस्टोफर लैंडो का चार दिवसीय भारत दौरा आज शुरू हो गया है। रायसीना डायलॉग 2026 में अमेरिका का नेतृत्व करते हुए वे ट्रंप की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएंगे। यह यात्रा हिंद-प्रशांत में दोनों देशों के साझा हितों को रेखांकित करती है।
3-6 मार्च के दौरे में लैंडो खनिज संसाधनों, नारकोटिक्स नियंत्रण, व्यापारिक पहुंच बढ़ाने तथा खुले इंडो-पैसिफिक पर भारतीय अधिकारियों से मिलेंगे। राज्य विभाग ने इसे आर्थिक संबंधों को गहरा करने का माध्यम बताया।
साथ ही, एस. पॉल कपूर का 1-3 मार्च का दौरा क्षेत्रीय सुरक्षा पर केंद्रित रहा, जो ट्रंप के पार्टनरशिप विजन को गति देता है।
विदेश मंत्रालय व ORF के सहयोग से आयोजित रायसीना डायलॉग 2016 से वैश्विक चर्चा का केंद्र है। 5-7 मार्च को यह गठबंधनों के बदलाव, आर्थिक चुनौतियां, उभरती तकनीकें, पर्यावरण संकट व सतत ऊर्जा पर फोकस करेगा। राष्ट्राध्यक्षों से लेकर विशेषज्ञों तक की भागीदारी सुनिश्चित है।
दशक भर में दोनों देशों ने रक्षा, रणनीति, खनिज, नवाचार व ऊर्जा क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की। लैंडो का आगमन इन बंधनों को और सशक्त बनाएगा, वैश्विक परिदृश्य में भारत-अमेरिका की भूमिका को मजबूत करेगा।