वॉशिंगटन से विशेष खबर। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर सैन्य प्रहार को अपरिहार्य बताया। फॉक्स न्यूज इंटरव्यू में उन्होंने ईरान के बैलिस्टिक हमलों की निंदा की, जो आम लोगों को लक्ष्य बनाते हैं। इजरायल-अमेरिका की तुलना में यह कायराना हरकत है, जहां आतंक पर फोकस रहता है।
‘ये मिसाइलें विस्फोटकों से भरी बसों जैसी हैं, जो ध्वनि की गति से ज्यादा तेज आती हैं,’ उन्होंने वर्णन किया। नौ जिंदगियां ऐसी मार से गईं। नेतन्याहू बोले, ‘ईरान सुधरने को तैयार नहीं। परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर चोट खाने के बाद भी वे नए गुप्त ठिकाने खोद रहे थे।’
अगर देरी होती, तो ईरान अपनी ताकत को अजेय बना लेता। अमेरिका पर हमला, ब्लैकमेल और धमकियां—सब संभव हो जाता। ट्रंप जैसे मजबूत नेता के बिना यह मुश्किल था। ‘हमारे गठजोड़ ने समय रहते कमर तोड़ दी,’ उन्होंने कहा।
यह बयान क्षेत्रीय सुरक्षा की मजबूरी को उजागर करता है, जहां सतर्कता ही बचाव है। ईरान की आक्रामकता के आगे झुकना घातक साबित होता।