अमेरिकी नौसेना ने सांसदों को बताया कि चीन पानी के नीचे अमेरिकी वर्चस्व को तोड़ने के लिए भारी निवेश कर रहा है। अमेरिका-चीन आर्थिक एवं सुरक्षा समीक्षा आयोग की सुनवाई में अधिकारियों ने खतरे की घंटी बजाई। वाइस एडमिरल रिचर्ड सेफ ने कहा, हमारी पानी के नीचे की बढ़त मजबूत है लेकिन चुनौतीपूर्ण।
यह हिंद-प्रशांत में निर्णायक तत्व है। चीन तेजी से पनडुब्बी सुधार, एंटी-सबमरीन हथियार और समुद्र तल नेटवर्क से ‘गुप्त क्षमता’ कम कर रहा है। चोकपॉइंट्स पर अमेरिकी गतिविधियां सीमित होंगी।
अमेरिकी लाभ: गुप्तता, उत्तरजीविता, हमला, नियंत्रण। संकट में पनडुब्बियां भरोसेमंद हैं। चीन के हल्के बदलाव विवादित क्षेत्रों में भूचाल ला सकते हैं। सिफारिशें: तैयारी, उत्पादन, मरम्मत, ड्रोन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
रियर एडमिरल माइक ब्रूक्स ने पुष्टि की, चीन का 60+ पनडुब्बियों वाला बेड़ा दुनिया का सबसे बड़ा है। परमाणु बेड़ा 2030 के लिए तैयार हो रहा। नेटवर्क से अमेरिकी सब्स को ट्रैक किया जाएगा।
मानवरहित वाहन, सेंसर, खनन से एकीकृत रणनीति। संघर्ष में केबलें निशाना। 2040 तक हिंद-प्रशांत में चुनौती। डेटा और अर्थव्यवस्था दांव पर।
भारत सहित देशों के लिए हिंद महासागर में खतरा। अमेरिका को सतर्कता, नवाचार और साझेदारी से मुकाबला करना होगा।