अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा की कि ईरान पर चलाए जा रहे महायुद्ध में छह सैनिकों ने बलिदान दिया। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
2 मार्च को जंग के मैदान में ये हादसे हुए, जिसमें दो सैनिकों के शव हाल में मिले। अभियान जोरों पर, शहीदों के नाम परिवार को बताए बिना सार्वजनिक नहीं।
28 फरवरी को सुबह शुरू यह मुहिम राष्ट्रपति के इशारे पर चली। 48 घंटे में 1250+ ठिकानों को नेस्तनाबूद किया, ईरानी खतरे प्राथमिकता।
हथियारों का जखीरा: भारी बॉम्बर, उन्नत जेट, हमासैल, मिसाइल ढाल, कैरियर ग्रुप, डिस्ट्रॉयर, ड्रोन। आईआरजीसी केंद्र, एयर डिफेंस, मिसाइल साइट्स, नौसैनिक इकाइयां तबाह।
खाड़ी में ईरान की नौसेना गायब—11 से जीरो जहाज। शिपिंग पर हमलों का दौर समाप्त। तेल मार्ग मुक्त, वैश्विक अर्थव्यवस्था मजबूत। अमेरिका पहरा देगा।