क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन ने ईरान को कूटनीतिक झटका दिया। राजधानियों में हुए हमलों के विरोध में दोनों ने ईरानी राजदूतों को समन भेजा और घटना को संप्रभुता पर हमला बताया। अंतरराष्ट्रीय कानून की अवहेलना पर तीखा ऐतराज जताया गया।
जॉर्डन के अम्मान स्थित विदेश मंत्रालय ने ईरान के प्रभारी दूत को बुलाकर कड़ा संदेश दिया। एक्स पर पोस्ट किए बयान में हमलों को जॉर्डन व अरब मित्र राष्ट्रों के खिलाफ साजिश करार दिया। ये संप्रभुता भंग, वैश्विक नियमों का उल्लंघन और सुरक्षा के लिए घातक हैं।
प्रवक्ता फुआद अल-मजाली ने कहा कि ईरान को तुरंत हमले बंद करने होंगे, जॉर्डन की सरहदों का आदर करना होगा और कानूनी मर्यादाओं का पालन जरूरी है। जॉर्डन ने अपनी जनता व जमीन की हिफाजत के लिए कड़े कदम उठाने का ऐलान किया।
दूसरी ओर, यूएई ने अबू धाबी में राजदूत रजा अमेरी को तलब कर विरोध पत्र थमाया। मंत्रालय ने आतंकी कृत्यों की निंदा की, इसे सुरक्षा खतरे व अंतरराष्ट्रीय संधियों के खिलाफ बताया।
राज्यमंत्री खलीफा शाहीन अल मरार ने निर्दोषों को निशाना बनाने के तर्कों को नकारा। यूएई ने स्पष्ट किया कि वह ईरान विरोधी सैन्य उपयोग की अनुमति नहीं देगा। हमले शांति प्रक्रिया व भाईचारे को नुकसान पहुंचाते हैं।
द्विपक्षीय संबंधों पर विपरीत प्रभाव की चेतावनी देते हुए अल मरार ने आर्थिक व राजनीतिक क्षति का जिक्र किया। यह एकजुट प्रतिक्रिया ईरानी गतिविधियों से जन्मी आशंकाओं को रेखांकित करती है, जो पूरे इलाके की शांति पर साया बन रही हैं।