ईरान के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों ने मध्य पूर्व को युद्ध की कगार पर ला खड़ा किया। इजरायल-अमेरिका के प्रहारों का बदला लेते हुए तेहरान ने कई संप्रभु देशों को निशाना बनाया, जिस पर अमेरिका समेत सात खाड़ी देशों ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने इसे ‘विचलित करने वाली उत्तेजना’ कहा जो पूरे इलाके को अस्थिर कर रही है।
यूएस, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के संयुक्त बयान में ईरान के असावधान हमलों की निंदा की गई। इनसे बहरीन, इराकी कुर्दिस्तान, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई प्रभावित हुए।
हमलों ने नागरिकों को खतरे में डाला और बुनियादी सुविधाओं को क्षति पहुंचाई। बयान में तेहरान को वैश्विक नियमों का पालन न करने का दोषी ठहराया गया। गैर-संघर्षकारी देशों पर प्रहार को असंवेदनशील बताया।
साझा सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को पुनः दोहराते हुए, देशों ने स्वरक्षा के अधिकार पर जोर दिया। क्षेत्रीय हवाई एवं मिसाइल रक्षा सहयोग की प्रशंसा की, जिसने विनाश को कम किया।
ईरान की बढ़ती मिसाइल ताकत ने संतुलन बिगाड़ दिया है। पश्चिमी और खाड़ी विशेषज्ञ चिंतित हैं, जबकि तेहरान इसे बचावात्मक कहता है। अमेरिका की खाड़ी में मजबूत सैन्य मौजूदगी इस खतरे का मुकाबला कर रही है।