अमेरिका-इजरायल हमले में अली खामेनेई की शहादत के तुरंत बाद ईरान ने अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को अंतरिम सर्वोच्च नेता घोषित कर दिया। 1 मार्च को आई आधिकारिक सूचना के अनुसार, तेहरान के उनके निवास पर हमला घातक साबित हुआ।
1989 से पद पर आसीन खामेनेई ने खुमैनी की विरासत को संभाला था। अब संवैधानिक प्रावधानों के तहत राष्ट्रपति पेजेशकियन, न्याय प्रमुख मोहसेनी एजेई और गार्जियन काउंसिल प्रतिनिधि वाली तीन सदस्यीय परिषद शासन संभालेगी।
स्थायी नेता चुनने का अधिकार 88 सदस्यीय विशेषज्ञ सभा के पास है, जो देश की सैन्य, राजनीतिक और संस्थागत मामलों पर सर्वोच्च है। अंतरिम व्यवस्था इसी सभा के फैसले तक चलेगी।
मेयबोद के 1959 जन्मे अराफी गार्जियन काउंसिल में सक्रिय हैं, कानूनी जांच और मतदान प्रक्रिया की देखरेख करते हैं। अल-मुस्तफा विश्वविद्यालय के पूर्व प्रमुख (2008-18) और सांस्कृतिक क्रांति परिषद के सदस्य के रूप में उनकी पहचान है।
वर्तमान उथल-पुथल में अराफी की नियुक्ति स्थिरता का संदेश देती है। यह कदम ईरान की विदेश नीति, परमाणु मुद्दों और क्षेत्रीय संघर्षों पर असर डाल सकता है, जबकि सभा का निर्णय निर्णायक होगा।