ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत से 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक शुरू हो गया। मशहद के इमाम रजा दरगाह पर काला परचम फहराया गया। दिल्ली में ईरानी दूतावास ने झंडा आधा झुकाकर शोक का प्रतीक चिह्नित किया।
एक्स पर दूतावास ने बयान जारी कर अमेरिका व इजरायल की ‘अपराधी सरकार’ को जिम्मेदार ठहराया। ‘खामेनेई की शहादत पर गहरा दु:ख। दुनिया इस जुर्म की निंदा करे, चुप्पी न अपनाए।’ अपराधियों को कड़े परिणाम भुगतने होंगे, चेताया गया।
ईरान ने प्रतिज्ञा की, ‘हम हिम्मत और इरादे से आगे बढ़ेंगे। देशी मामलों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं। शहीद रक्त स्वतंत्रता की ललकार बनेगा।’ लारीजानी ने कहा, ‘उनका वार दिल पर, हमारा भी वैसा ही।’
सेना का जबरदस्त जवाब होगा, भागने का मौका नहीं। राष्ट्रपति-न्यायपालिका आधारित अंतरिम नेतृत्व बनेगा। पड़ोसी देश सुरक्षित, लेकिन अमेरिकी अड्डे निशाने पर। अमेरिका को सबक सिखाएंगे।
यह संकट ईरानी एकता को परखेगा और वैश्विक समीकरण बदल सकता है।