अमेरिकी प्रशासन ने राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान पर हमले को उचित ठहराया, जिसमें शीर्ष नेता की मौत की खबरें हैं। अधिकारियों का कहना है कि मिसाइल और न्यूक्लियर खुफिया जानकारी ने हर विकल्प बंद कर दिया।
यह ऑपरेशन पूर्वनियोजित रक्षा प्रयास था, न कि बदले की कार्रवाई। ट्रंप ने अमेरिकी सेनाओं को ईरानी मिसाइलों के निशाने पर झुकने नहीं दिया।
दक्षिणी इलाके में ईरान की मिसाइल क्षमता और परमाणु लालसा बड़ी चुनौती बनी। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पहले हमले का इंतजार घातक साबित हो सकता था।
ईरान ने जवाब में सिविलियन साइट्स पर प्रहार किए—होटल, कुवैत हवाई अड्डा, अबू धाबी होटल। मिडनाइट हैमर से प्रभावित न्यूक्लियर साइट्स का तेहरान जीर्णोद्धार कर रहा है, सेंट्रीफ्यूज बढ़ा रहा है।
ट्रंप सच्चे समझौते की तलाश में थे, जो ईरान को बम बनाने से रोके। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में स्थिरता बहाल करने का प्रयास है।