इजरायल के ईरान पर हमले ने मध्य पूर्व को जंग के मुहाने पर पहुंचा दिया है। ऑपरेशन रोअरिंग लॉयन में अमेरिकी सेना की भागीदारी ने हालात और बिगाड़ दिए। मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम ने इन घटनाओं का पुरजोर विरोध किया और डिप्लोमेसी पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ये हमले क्षेत्र को तबाही की ओर ले जा रहे हैं। इजरायल की यह कार्रवाई बातचीत को पटरी से उतारने और बाकी देशों को घसीटने की कोशिश है, जो अनियंत्रित हो सकती है। अनवर ने बिना शर्त संघर्ष विराम की मांग की।
अमेरिका व ईरान को संयम बरतने और वार्ता करने की सलाह दी। उन्होंने वैश्विक समुदाय से दोहरे मापदंड छोड़कर तुरंत कदम उठाने को कहा। मलेशियाई नागरिकों की हिफाजत उनकी प्राथमिकता है, इसके लिए साझेदार देशों से बातचीत होगी।
सऊदी ने ईरान के कथित हमलों पर यूएई समेत सहयोगियों का बचाव किया, उल्लंघनों पर सख्त चेतावनी जारी की। यूके ने ईरान के न्यूक्लियर कार्यक्रम का विरोध दोहराया और नागरिकों को सावधानी बरतने को कहा।
ब्रिटिश एयरवेज ने सुरक्षा कारणों से उड़ानें स्थगित कीं। कंपनी ने यात्रियों को विकल्प उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
अनवर की यह आवाज शांति की उम्मीद जगाती है। मध्य पूर्व का भविष्य कूटनीति पर टिका है, जहां एक गलत कदम सब कुछ तबाह कर सकता है।