फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल व ईरान को फौरी युद्धविराम की हिदायत दी है। इसी बीच सऊदी अरब ने खाड़ी पड़ोसियों पर ईरानी आक्रमणों के खिलाफ तेहरान को आगाह किया। ये घटनाक्रम मध्य पूर्वी संकट को नई ऊंचाई दे रहे हैं।
मैक्रों ने चिंता जताई कि अमेरिका-इजरायल-ईरान त्रिकोणीय टकराव विश्व सुरक्षा को चुनौती दे रहा। हालात बेहद खतरनाक हैं, तनाव रोकना अनिवार्य। फ्रांस अपनी सीमाओं, नागरिकों व क्षेत्रीय हितों की हिफाजत में सजग। सहयोगियों को सुरक्षा सहायता देने को उत्सुक।
ईरान के ‘एपिक फ्यूरी’ हमलों का खाड़ी में भारी विरोध। सऊदी ने बहरीन, कतर, कुवैत, जॉर्डन व यूएई के साथ मिलकर नारा लगाया। सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा- हम भाइयों के साथ पूर्ण एकजुटता में हैं। हर संसाधन से मदद देंगे।
रियाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देशों की संप्रभुता व वैश्विक नियमों का लगातार तोड़ना स्वीकार्य नहीं। गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। यूएई के रक्षा विभाग ने ईरानी क्षेपणास्त्रों को उड़ानभरते ही नेस्तनाबूद किया।
रूस ने ईरान विरोधी कार्रवाइयों को लापरवाह करार दिया। विदेश मंत्रालय ने बातचीत आधारित हल की अपील की। कानूनी ढांचे में राजनीतिक समाधान के लिए सहायता का ऐलान। वैश्विक शक्तियां अब डिप्लोमेसी पर दांव खेल रही हैं। शांति की राह कठिन मगर संभव।