रूस ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य साहसिकता को बिना वजह का और खतरनाक बताया है। मॉस्को से जारी विदेश मंत्रालय के बयान में हमलों को तत्काल रोककर बातचीत पर जोर दिया गया। मंत्रालय ने चेताया कि ऐसी ‘गैर-जिम्मेदाराना’ हरकतें मध्य पूर्व को अराजकता की ओर धकेल सकती हैं।
स्थिति को कूटनीतिक और राजनीतिक पटरी पर लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए रूस ने वैश्विक समुदाय से निष्पक्ष जांच की मांग की। मॉस्को ने शांतिपूर्ण हल के प्रयासों में सहभागिता का भरोसा जताया, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों और आपसी हितों पर आधारित हो। मिसाइलों की बौछार से भरा शनिवार तनाव को चरम पर ले गया।
ट्रंप ने ट्रूथ पर पोस्ट कर हमलों को आतंकी खतरे से बचाव का हथियार कहा, वहीं नेतन्याहू के एक्स वीडियो में ईरानियों से एकजुटता का भाव दिखा। इजरायल का ‘लायन्स रोर’ ऑपरेशन आईडीएफ फुटेज में पश्चिमी ईरान के सैन्य अड्डों पर सफल हमले प्रदर्शित करता है। ईरान का ‘एपिक फ्यूरी’ जवाब उतना ही आक्रामक है।
ईरानी टेलीग्राम चैनलों से लीक फुटेज में विनाशकारी दृश्य: इमारतों से उठता काला धुआं, सड़कों पर अफरा-तफरी, आसमान फाड़ते लड़ाकू विमान। तेहरान पर हमले की आशंका भी व्यक्त की जा रही। सरकारी आईआरएनए के अनुसार, एक स्कूल हादसे में 40 लड़कियां शहीद हुईं।
रूस की यह मुखर आलोचना संघर्ष के बीच कूटनीति को मजबूत आधार देती है। हमलों के बचाव और निंदा के बीच वैश्विक मंच पर बहस तेज हो गई है।