पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर खुले युद्ध की चेतावनी जारी की है, लेकिन फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट के नेता मौला बख्श बलूच का कहना है कि तीर निकल चुका है और अब काबुल ही तय करेगा कि शांति हो या जंग। फिनलैंड में रहने वाले बलूच ने आईएएनएस से बातचीत में पाकिस्तान की पोल खोलते हुए इसे आतंकप्राय देश बताया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान फंडिंग हासिल करने के लिए नाटक कर रहा। ‘बड़े देश होने के बावजूद पैसों के लिए आकाओं के आगे झुकते हैं। आतंक के शिकार बनने का ढोंग है, जबकि खुद आग लगाते हैं। आम लोगों, बच्चों व महिलाओं पर हमला समझ से बाहर। पाक फौज हिंसा की आदी है और मासूमों की हत्या से झूठी दास्तान बुनती है।’
रमजान के दौरान हमलों पर तीखा प्रहार किया। ‘इस्लामिक होने का दावा लेकिन रमजान में खून बहाते। आकाओं को खुश करने की भूल की। अफगानिस्तान जनहित में लड़ रहा, पाकिस्तान को ही नुकसान होगा।’ पाकिस्तान के मंसूबों पर बोले, ‘आतंकी राष्ट्र बलूचिस्तान, अफगानिस्तान, भारत में आग भड़काता। गंदे दिमाग को रोकना जरूरी। बलूच परेशान हैं।’
रक्षा मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘अब फैसला अफगानिस्तान का। संघर्ष खत्म करें या प्रतिक्रिया दें—उनकी मर्जी। डूरंड लाइन पर स्पष्टता का सुनहरा मौका। बलूच भी इसे खारिज करते हैं।’ ब्रिटिशकालीन 2611 किमी की ये रेखा पाकिस्तान की सीमा है, लेकिन अफगानिस्तान इसे विभाजक मानता। इससे लगातार झड़पें होती रहती हैं।
दक्षिण एशिया में संकट गहरा रहा, ऐतिहासिक विवाद और आतंक के आरोप हवा को तपां रहे।