दुर्गम पाक-अफगान सीमा पर युद्ध की आग भड़क उठी है। पाकिस्तान ने तालिबान शासन के खिलाफ ऑपरेशन गजाब लिल-हक चला दिया, जिसमें काबुल, कंधार व पक्तिया के सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त हवाई कार्रवाई की गई। अफगान आक्रमणों के बाद यह जवाबी कदम उठाया गया, जिसमें पाक वायुसेना ने रातभर बमबारी जारी रखी।
काबुल व कंधार के निवासियों ने जोरदार विस्फोटों और जेटों की गड़गड़ाहट का जायजा लिया। पाक सुरक्षा स्रोतों के मुताबिक, अफगान पोस्टों को बुरी तरह कोसा गया, खासकर वारसाक और बॉर्डर टर्मिनल पर। तालिबान लड़ाकों ने एक वाहन त्यागकर फरार हो गए। सेना ने कहा कि सीमा की हिफाजत और तत्काल जवाब के लिए पूरी तैयारी है।
हानि के आंकड़े पर दोनों तरफ अलग-अलग बयानबाजी। पाकिस्तान का दावा है कि 133 तालिबान मारे गए, 200 जख्मी, जबकि तालिबान ने 8 शहीद और 11 घायल बताए। उन्होंने 55 पाक सैनिकों की शहादत और दो बेस व 19 पोस्ट हथियाने का ऐलान किया। पीएम शरीफ ने शांति की इच्छा जताई लेकिन आक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
शाम 4 बजे आईएसपीआर प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी स्थिति स्पष्ट करेंगे। यह टकराव पुरानी दुश्मनी को ताजा कर रहा है, जो व्यापार, शरणार्थियों और सुरक्षा पर असर डाल सकता है। वैश्विक निगाहें इस संकट पर टिकी हैं।