उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 27 फरवरी को एयर फोर्स टू से ‘वाशिंगटन पोस्ट’ को साक्षात्कार में कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका मध्य पूर्व में अनिश्चितकालीन युद्ध में नहीं फंस सकता। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार के बावजूद, वेंस ने ऐसी किसी लंबी जंग की आशंका को सिरे से नकार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई वर्षों का संघर्ष नहीं बनेगी।
इराक में सेवा दे चुके वेंस ने अपनी हस्तक्षेप-विरोधी सोच दोहराई। ट्रंप के निर्णय पर अनिश्चितता जताते हुए उन्होंने कूटनीति को तरजीह दी। ‘ईरानी व्यवहार तय करेगा रास्ता,’ उन्होंने जोर दिया। अमेरिकी सेनाओं की चपेट में ईरान के साथ जिनेवा बातचीत बेनतीजा रही, लेकिन अगले हफ्ते जारी रहेगी।
ट्रंप की खामेनेई के खिलाफ सत्ता परिवर्तन की इच्छा को वेंस ने ‘अमेरिका फर्स्ट’ से जोड़ा। उन्होंने पुरानी गलतियों से सावधान रहने की हिदायत दी। इजरायल पर रुख को लेकर रिपब्लिकन बहस जरूरी बताते हुए इसे महत्वपूर्ण सहयोगी कहा।
2003 के इराक हमले के बाद से मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी 20 वर्ष से अधिक चली आ रही है। ईरान के न्यूक्लियर कार्यक्रम और प्रभाव से तनाव बरकरार है। यूरोपीय मंचों पर कूटनीति से इसे काबू करने के प्रयास जारी हैं। वेंस के बयान से संयमपूर्ण विदेश नीति का पता चलता है, जो अमेरिकी हितों को सर्वोपरि रखती है।