विदेशी छात्रों के लिए अमेरिका में नौकरी का रास्ता मुश्किल हो सकता है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने ओपीटी (ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) की दोबारा जांच का ऐलान किया है। एफ-1 वीजा वाले छात्रों को डिग्री के बाद काम का अवसर देने वाला यह प्रोग्राम अब अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी की कसौटी पर है।
होमलैंड सिक्योरिटी चीफ क्रिस्टी नोएम ने सीनेटर एरिक श्मिट को जवाबी पत्र में स्पष्ट किया कि विभाग मौजूदा नियमों का मूल्यांकन कर रहा है। ट्रेनिंग की लंबाई और क्षेत्र क्या यूएस जॉब मार्केट, टैक्स सिस्टम और सिक्योरिटी को मजबूत करते हैं? कांग्रेस की इच्छा का पालन हो रहा है या नहीं?
भारत से 3 लाख से ज्यादा छात्र अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे हैं। ओपीटी से वे 12 महीने तक काम कर सकते हैं, स्टेम स्टूडेंट्स को 36 महीने मिलते हैं। नोएम ने चेतावनी दी कि भागीदारी में इजाफे से चुनौतियां बढ़ी हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है।
नोएम ने बताया कि ओपीटी कानूनी प्रावधानों के बजाय प्रशासनिक नियमों से चला रहा है। ट्रंप के निर्देश पर डीएचएस इसे अमेरिकी हितों के अनुरूप ढाल रहा है। स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम कमजोर कड़ियों को मजबूत कर रहा है।
श्मिट की पूर्व मांग पर अमल होते हुए यह समीक्षा हो रही है, जो बदलाव या समाप्ति ला सकती है। ट्रंप सरकार इमिग्रेशन प्रोग्राम्स की कुल समीक्षा में लगी है, खासकर भारत के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण। अमेरिकी कामगारों की सुरक्षा प्राथमिकता बनी हुई है।