नेपाल में ५ मार्च को विधानसभा चुनाव होने हैं और राजनीतिक दलों के बीच पर्यटन को लेकर जोरदार कांटे की टक्कर दिख रही है। घोषणापत्रों में एविएशन सुधार, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में इजाफा और पर्यटक संख्या दोगुनी करने के लक्ष्य प्रमुख हैं।
चारों बड़े दल—नेपाली कांग्रेस, UML, माओवादी और आरएसपी—ने पर्यटन को चुनावी एजेंडे का केंद्र बनाया है। यूरोपीय सुरक्षा सूची से बाहर निकलना, नए एयरपोर्टों का विस्तार और भारत के साथ हवाई मार्ग मजबूत करने पर सहमति है।
रवि लामिछाने की आरएसपी ने सबसे महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। पांच साल में पर्यटकों की तादाद, खर्च और रुकने का समय दोगुना करने का ऐलान किया गया। लामिछाने का कहना है कि यह नेपाल को आर्थिक पटरी पर लाएगा।
तीन साल से पर्यटक आंकड़ा १० लाख के आसपास अटका है। हवाई दुर्घटनाओं, खराब सड़कों और प्रचार की कमी को इसका कारण माना जा रहा है। उद्योग हितधारक सुधार की मांग कर रहे हैं।
पर्यटन का आर्थिक महत्व अपार है। २०२३ में २.५ अरब डॉलर की कमाई हुई, ११.९ लाख नौकरियां सृजित हुईं (कुल का १५.२%) और जीडीपी में ६.६% योगदान दिया। यह २०१९ के स्तर के करीब है।
इन वादों की सार्थकता चुनाव परिणाम पर निर्भर करेगी। सफलता मिली तो नेपाल पर्यटन हब बनेगा, अन्यथा चुनौतियां बरकरार रहेंगी। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, मतदाता इन प्रतिबद्धताओं पर पैनी नजर रखे हुए हैं।